Home MADHYA PRADESH गुना के दलित की पिटाई मामला आयोग ने लिया संज्ञान

गुना के दलित की पिटाई मामला आयोग ने लिया संज्ञान

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मानव अधिकार आयोग ने पुलिस महानिरीक्षक ग्वालियर,पुलिस अधीक्षक गुना तथा कलेक्टर गुना से तीन सप्ताह में जबाब मागा।

भोंपाल। गुना जिले के जगनपुर चक में साइंस काॅलेज के लिये आवंटित भूमि मे कब्जा हटाने के दौरान बीते मंगलवार को एक दलित दम्पत्ति ने जहर पीकर आत्महत्या का प्रयास किया।

राजकुमार अहिरवार एवं उसकी पत्नी अपने 7 बच्चों के साथ अफसरों के सामने हाथ जोडते रहे उसकी कहना था कि यह भूमि गप्पू पारदी ने उसे बटिया पर दी है। कर्ज लेकर यह बोवनी कर चुका है। लेकिन अफसरों ने कही सुनी। दोनो जहर पीकर काफी देर खेत में ही पडे रहे। मासूम बच्चे उनके पास बैठकर रोते रहे।

राजकुमार का छोटा भाई आया, तो पुलिस ने लाठिया बरसाई और लातें भी मारी। कुछ देर बाद दम्पत्ति का उठाकर जिला अस्पताल भेजा गया।

तहसीलदार का कहना था कि परिवार ने महिला पुलिस के साथ झूमाझटकी की। इस वजह से पुलिस ने सख्ती दिखाई। कलेक्टर ने मामले की जांच के आदेश दिये हैं।

दलित की बर्बरतापूर्ण पिटाई का मामला गरमाने के बाद बीते बुधवार देर रात राज्य शासन ने बडी प्रशासनिक सर्जरी कर दी । मुख्यमंत्री के आदेश के बाद गुना कलेक्टर और एसपी को हटा दिया गया। साथ ही आईजी ग्वालियर को भी पद से हटाकर पीएचक्यू अटैच कर दिया गया मुख्यमंत्री ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिये हैें।

इस मामले मे मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के माननीय आध्यक्ष न्यायमूर्ति श्री नरेन्द्र कुमार जैन ने पुलिस महानिरीक्षक ग्वालियर, पुलिस अधीक्षक गुना तथा कलेक्टर गुना से तीन सप्ताह मे प्रतिवेदन मांगा है।

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